जानिए रहस्यमयी रेडियो तरंगें
3 अरब प्रकाश वर्ष दूर से आ रही हैं रहस्यमयी रेडियो तरंगें ये तरंगें तीन अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक छोटी आकाशगंगा से आ रही हैं। वाशिंगटन, आइएएनएस। धरती पर आने वाली रहस्यमयी रेडियों तरंगों के स्रोत का पता चल गया है। फास्ट रेडियो बर्स्ट (एफआरबी) के नाम से जाने जानी वाले ये तरंगें तीन अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक छोटी आकाशगंगा से आ रही हैं। इसका पता लगाने वाले खगोलविदों के दल में एक भारतवंशी भी हैं।

छह महीने तक अध्ययन करने के बाद 'एफआरबी21102' की उत्पति की गुत्थी खगोलशास्ति्रयों ने सुलझाई है। सबसे पहले 2012 में प्यूर्टोरिको स्थित अरसेबो वेधशाला के खगोलशास्ति्रयों ने इसे देखा था। बीते चार साल में झिलमिलाहट भरी ऐसी रेडियो तरंगें कई बार दिखाई दीं। अमेरिका के नेशनल साइंस फाउंडेशन के एक मल्टी-एंटीना वाले रेडियो टेलिस्कोप से इन तरंगों पर नजर रखकर इसकी सटीक स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई गई। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की प्रमुख शोधकर्ता शामी चटर्जी ने बताया कि एफआरबी के स्रोत और इसकी दूरी का पता चलना एक बड़ी उपलब्धि है।
लेकिन, इन तरंगों को पूरी तरह समझने के लिए अभी काफी शोध की जरूरत है। चटर्जी ने भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (आइआइटी) मद्रास में पढ़ाई की है। क्या है एफआरबी? एफआरबी बहुत ज्यादा ऊर्जा से भरी रेडियो तरंगें होती हैं। लेकिन, इनकी उम्र बहुत कम होती है। सेकेंड के कुछ हिस्सों में ही ये तरंगे खत्म हो जाती हैं। ये तरंगे इतने कम समय में भी इतनी ऊर्जा पैदा करती हैं, जितनी ऊर्जा पैदा करने में सूर्य को 10,000 साल लग जाएंगे। पहली बार 2007 में ऐसी तरंगों की पहचान हुई थी। उसके बाद से 18 एफएसबी की पहचान हो चुकी है। शुरुआत में माना जाता था कि ये पृथ्वी के नजदीक के अथवा उसकी ही आकाशगंगा से आ रहे हैं ।

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